श्रीदेवी के लिए आठवें फेरे का असल जिंदगी तक में दिखा असर, एक समय दोनों की प्रेम कहानी से भरी रहती थी पत्रिकाएं!

0
361

दोस्तों आज बॉलीवुड फिल्म जगत से जुडी हर खबर बहुत ही सरलता से मिल जगती है, लेकिन, उन दिनों जब फिल्मों से जुड़ी जानकारियों की सूचना का एकमात्र माध्यम अखबार, पत्रिकाएं या रेडियो के प्रायोजित कार्यक्रम ही होते थे, बिना सोशल मीडिया के भी फिल्मी सितारों से जुड़ी खबरें गोली की रफ्तार से फिल्मों के शौकीनों के बीच फैल जाती थीं। बाल कटाने की दुकानों पर तब पक्के तौर से मिलती थी मायापुरी। और, सैवी, स्टार एंड स्टाइल, स्टारडस्ट जैसी पत्रिकाएं फिल्मी सितारों के इंटरव्यूज के लिए मशहूर हुआ करती थीं। इनमें से तमाम पत्रिकाओँ ने साल 1984 में मिथुन और श्रीदेवी के बारे में इतना कुछ लिखा है कि इंटरनेट पर इन्हें दोहरा दोहरा कर ही तमाम और नए आलेख बन चुके हैं। मिथुन के जो भी करीब था उन दिनों, उसे इन किस्सों की सच्चाई पता थी। श्रीदेवी ने तो अपने दिल की बात अपने कई करीबियों से साझा की और जब इस रिश्ते से निकलने के लिए उन्हें एक मर्द की जरूरत आई तो उन्हें एक पत्रिका में प्रकाशित रपट के मुताबिक, मदद मिली उस शख्स से जिसकी कलाई पर उन्होंने कभी मिथुन का मन रखने को राखी बांध दी थी।

श्रीदेवी के लिए आठवें फेरे का असल जिंदगी तक में दिखा असर, एक समय दोनों की प्रेम कहानी से भरी रहती थी पत्रिकाएं! 1

आज आपको किस्सा बता रहे है मिथुन चक्रवर्ती और श्रीदेवी की फिल्म से जुड़ा हुआ है, जिसका नाम है, जाग उठा इंसान। जाग उठा इंसान दरअसल राकेश रोशन की निर्देशक के विश्वनाथ के साथ बनी बहुत महात्वाकांक्षी फिल्म है। राकेश रोशन ने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस खोल कर पहली फिल्म तो ऋषि कपूर के साथ बनाई थी, आपके दीवाने। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ऋषि कपूर से उन्होंने साउथ के डायरेक्टर के विश्वनाथ के इतने किस्से सुने कि वह उनके फैन हो गए। अपने प्रोडक्शन हाउस की अगली फिल्म राकेश रोशन ने उस समय की हिट हीरोइन जया प्रदा और के विश्वनाथ के साथ ही बनाई, कामचोर। जया प्रदा के साथ काम करने के बाद राकेश रोशन ने उस समय जया प्रदा से भी ज्यादा मशहूर श्रीदेवी से मुलाकात की और वह एक ऐसी फिल्म में काम करने के लिए तुरंत तैयार हो गईं, जिसमें उन्हें तो करना था ब्राह्मण कन्या का रोल और मिथुन को बनना था दलित। त्रिकोण का तीसरा कोण राकेश रोशन खुद थे। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही तमाम तरह के किस्से मिथुन और श्रीदेवी को लेकर गॉसिम पत्रिकाओं में लिखे जाने लगे। कहीं श्रीदेवी की मांग भरी फोटो छपती तो कहीं पढ़ने को मिलता मिथुन के अपने घर में मचे कोहराम का किस्सा।

श्रीदेवी के लिए आठवें फेरे का असल जिंदगी तक में दिखा असर, एक समय दोनों की प्रेम कहानी से भरी रहती थी पत्रिकाएं! 2

मिथुन के लाखों फैंस के लिए वे दिन बहुत मुश्किल के थे। शहरों शहरों में मिथुन फैंस क्लब की बैठकें होतीं और लोग तय करके अलग अलग टुकड़ियों में निकलते दूसरे प्रशंसकों को ये समझाने कि ये सब झूठ है और दुनिया की फैलाई हुई बातें हैं। लेकिन तभी एक अंग्रेजी पत्रिका ने मिथुन की दूसरी पत्नी योगिता बाली का इंटरव्यू छाप दिया। जी हां, मिथुन की पहली शादी हेलेना ल्यूक नाम की एक मॉडल से हुई थी। इस इंटरव्यू से लोगों को समझ आया कि आग तो लगी थी लेकिन ज्योति के ज्वाला बनने से पहले ही योगिता बाली ने इस पर पानी डाल दिया। बुझती आग का ये धुआं फिल्म की रिलीज के बाद भी कुछ साल तक उठता रहा, और फिर मिथुन के तीसरे बेटे नमाशी के जन्म के साथ धीरे धीरे ठंडा पड़ गया। दो साल पहले 24 फरवरी को जब श्रीदेवी गुजरीं, तो उनके प्रशंसक और उनकी खूबसूरती के हद दर्जे के दीवाने रहे निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने एक इशारा किया था श्रीदेवी की व्यक्तिगत परेशानियों और दुश्वारियों का। ‘नेता-अभिनेता: बॉलीवुटॉड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलीटिक्स’ नाम की किताब के चैप्टर नंबर 12 में रशीदा किदवई ने मिथुन चक्रवर्ती के मृगया के दिनों से लेकर उन दिनों तक के बारे में विस्तार से लिखा है, जब वह लगातार पांच साल देश में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले शख्स रहे।

श्रीदेवी के लिए आठवें फेरे का असल जिंदगी तक में दिखा असर, एक समय दोनों की प्रेम कहानी से भरी रहती थी पत्रिकाएं! 3

ये सारा किस्सा शुरू ही हुआ उन दिनों के सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती के फिल्म जाग उठा इंसान का हिस्सा बनने के बाद। राकेश रोशन ने जब के विश्वनाथ से इस फिल्म के बारे में बात की तो उनके दिमाग में फिल्म के लीड पेयर के रूप में ऋषि कपूर और जया प्रदा का ही नाम था। वह कामचोर का एक नया ट्विस्ट बनाना चाहते थे लेकिन ऋषि कपूर पहले से ही तमाम फिल्में कर रहे थे और उन्होंने राकेश रोशन से इस फिल्म में काम करने को लेकर अपनी असमर्थता जता दी। फिल्म सरगम में ऋषि कपूर और जया प्रदा की जोड़ी को लोगों ने सिर आंखों पर बिठाया था। सरगम से ही जया प्रदा का हिंदी सिनेमा में डेब्यू हुआ था औऱ इस डेब्यू के लिए जया प्रदा ने अपनी खास तेलुगू फिल्म सिरि सिरि मुव्वा का चुनाव किया था इसकी हिंदी रीमेक सरगम के तौर पर। वहां जया प्रदा पहले आईं थी और ऋषि कपूर उनके लिए सबसे बेहतरीन हीरो के तौर पर तलाशे गए। यहां पहले ऋषि कपूर ने ना की और उसके बाद जया प्रदा ने भी राकेश रोशन को इस फिल्म के लिए सॉरी बोल दिया।

श्रीदेवी के लिए आठवें फेरे का असल जिंदगी तक में दिखा असर, एक समय दोनों की प्रेम कहानी से भरी रहती थी पत्रिकाएं! 4

राकेश रोशन को किस्मत से श्रीदेवी मिलीं। किस्मत से ही उन्हें मिथुन चक्रवर्ती भी मिले। ये वो दौर था जब मिथुन चक्रवर्ती को अमिताभ बच्चन की नंबर वन कुर्सी के लिए खतरा माना जाने लगा था। के विश्वनाथ ने ही राकेश रोशन को अपनी एक तेलुगू फिल्म सप्तपदी की कहानी सुनाई थी जिसमें एक पुजारी परिवार में जन्मी लड़की अपने परिजनों के कहने पर उनकी पसंद के लड़के से ब्याह तो कर लेती है लेकिन उसका आठवां फेरा उसकी आत्मा को उसके प्रेमी के साथ जोड़ देता है। उसका अपने प्रेमी के प्रति समर्पण ऐसा है कि पति को सुहागरात के दिन अपनी पत्नी में देवी दिखती है। यहां कहानी का वैसा ही रोचक मोड़ आता है जैसा हिंदी सिनेमा की इस फिल्म से पहली बनी अनिल कपूर, पद्मिनी कोल्हापुरे और नसीरूद्दीन शाह की फिल्म वो सात दिन और इसके बाद बनी सलमान खान, ऐश्वर्या राय और अजय देवगन की फिल्म हम दिल दे चुके सनम में आता है। बस, कहानी का क्लाइमेक्स यहां गड़बड़ाता है और मिथुन व श्रीदेवी का रिश्ता रीयल लाइफ की तरह रील लाइफ में भी सिरे नहीं चढ़ पाता है।

श्रीदेवी के लिए आठवें फेरे का असल जिंदगी तक में दिखा असर, एक समय दोनों की प्रेम कहानी से भरी रहती थी पत्रिकाएं! 5

फिल्म जाग उठा इंसान में मिथुन चक्रवर्ती ने उस दौर की अपनी फिल्मों से इतर ये किरदार किया। हरिमोहन उर्फ हरि का ये किरदार सच्चे प्रेमी का किरदार है। ऐसा प्रेमी जिसके लिए उसका प्रेम सब कुछ है। वह संध्या को चाहता है लेकिन उसे पता है कि संध्या का जीवन सुखमय नंदू के साथ ही रहेगा। वह अपने सीने पर पत्थर रखकर उसका सुख चाहता है। संध्या उससे ज्यादा प्रेम में पगी है। वह सप्तपदी पूरी करने के बाद अष्टपदी ले लेती है, हरि के नाम की। मिथुन और श्रीदेवी की एक साथ की ये पहली फिल्म है। ये फिल्म मिथुन की नंबर वन हीरो की दावेदारी पर समय की सबसे बड़ी मोहर भी है। इंडस्ट्री के लोग उन दिनो ये भी कहते मिलते थे कि फिल्म का भविष्य खराब करने के लिए और मिथुन की उनके फैंस के बीच बनी छवि बिगाड़ने के लिए ही श्रीदेवी वाले किस्से फिल्मी पत्रिकाओं में उछाले गए। पहले से शादीशुदा मिथुन के जीवन में श्रीदेवी का आना धूमकेतु जैसा ही रहा, लेकिन जैसे कभी राजकपूर ने नरगिस के लाख चाहने पर भी अपनी पत्नी को तलाक देने से इंकार कर दिया था, वैसा ही कुछ इस मामले में भी हुआ। श्रीदेवी ने लाख दबाव बनाया हो मिथुन चक्रवर्ती पर लेकिन उन्होंने योगिता बाली को तलाक देने से इन्कार कर दिया।

श्रीदेवी के लिए आठवें फेरे का असल जिंदगी तक में दिखा असर, एक समय दोनों की प्रेम कहानी से भरी रहती थी पत्रिकाएं! 6

मिथुन ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा भी कि वह आदर्श पति भले न बन सके हों लेकिन उनकी और योगिता बाली की मित्रता अटूट है। योगिता का अपने जीवन में मिथुन अब भी बड़ा योगदान मानते हैं। इसी इंटरव्यू में मिथुन ने ये भी कहा कि योगिता ने उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत वाले समय में सहारा दिया और वह ये बात कभी भूल नहीं सकते। मिथुन मानते हैं कि उनके कदम अपने जीवन में बहके जरूर लेकिन खुद को संभाल लेने का जिक्र करना भी वह बातों के इस सिलसिले में नहीं भूले। सच ये भी है कि सांवले मिथुन और सलोनी श्रीदेवी की जोड़ी परदे पर सबसे खूबसूरत जोड़ी लगी दोनों के चाहने वालों को।

श्रीदेवी के लिए आठवें फेरे का असल जिंदगी तक में दिखा असर, एक समय दोनों की प्रेम कहानी से भरी रहती थी पत्रिकाएं! 7

जो लोग योगिता बाली और किशोर कुमार के तलाक की वजह मिथुन को मानते हैं और ये कहते हैं कि किशोर ने इसके बाद कभी मिथुन के लिए गाने ही नहीं गाए, उन्हें इस फिल्म के गाने जरूर सुनने चाहिए। फिल्म में आशा भोसले और किशोर कुमार का गाया ‘मैं नाचूं तू बंसी बजा…’ गाना हिंदी सिनेमा के क्लासिकल धुनों पर आधारित गानों में एक अलग ही स्थान रखता है। फिल्म का नाम भी बिल्कुल अलग है। राकेश रोशन ने हालांकि फिल्म का नाम शुरू में इंसान जाग उठा ही रखा था और उन्हें लगता था कि ये टाइटल वह इस फिल्म के निर्माता से हासिल जरूर कर लेंगे, लेकिन जब ऐसा न हुआ तो उन्होंने फिल्म का टाइटल बदलकर कर दिया, जाग उठा इंसान। जाग उठा इंसान श्रीदेवी की उन हिंदी फिल्मों में शामिल है जिसमें उनकी डबिंग दूसरे कलाकार से कराई गई।