सुशांत के केस की जांच सीबीआई के लिए नहीं होगी आसान, जांच के दौरान करना होगा इन चुनौतियों का सामना!

0
15

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले में कई नए मोड़ आए। वही सुशांत के परिजनों और उनके फैंस की मांग पर अब जांच सीबीआई को सौंपी गई है। लेकिन घटना के लगभग दो महीने बीत जाने के बाद सीबीआई को केस सौंपे जाने पर अब केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने भी कई चुनौतियो का सामना करना होगा। 60 दिन बाद मामले की जांच शुरुआत से करना और अब तक जो भी जांच हुई है उस पर भी नजर बनाए रखना टीम के लिए अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।

सुशांत के केस की जांच सीबीआई के लिए नहीं होगी आसान, जांच के दौरान करना होगा इन चुनौतियों का सामना! 7

सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच करने सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार शाम मुंबई पहुंच गई है। ये टीम अब केस से जुड़े सबूत इकट्ठा करेगी। साथ ही मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ भी की जाएगी। इसके अलावा सीबीआई की टीम, सीन ऑफ क्राइम को रीक्रिएट कर मामले की जांच करेगी। टीम अगले 10 दिन तक मुंबई में रुक कर जांच करेगी। इस दौरान टीम को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। आइये आगे आपको बताते हैं कि जांच के दौरान सीबीआई के सामने क्या क्या चुनौतियां हैं!

सुशांत के केस की जांच सीबीआई के लिए नहीं होगी आसान, जांच के दौरान करना होगा इन चुनौतियों का सामना! 8

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को दो महीने से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। ऐसे में क्राइम सीन पर साक्ष्य काफी हद तक मिट चुके होंगे। सीबीआई के पास सिर्फ मौके से ली गई तस्वीरों का ही सहारा होगा, जो एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। मुंबई पुलिस का पूरा रिकॉर्ड मराठी भाषा में है और उसे मराठी से इंग्लिश या हिंदी में ट्रांसलेशन कराने में वक्त लग सकता है। इनमें 56 गवाहों के बयान भी शामिल हैं। सुशांत के निधन से ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत को भी जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन मुंबई पुलिस से दिशा की मौत के केस से जुड़ी फाइल को डिलीट कर चुकी है, जिसको एक गलती बताया गया था।

सुशांत के केस की जांच सीबीआई के लिए नहीं होगी आसान, जांच के दौरान करना होगा इन चुनौतियों का सामना! 9

इसके अलावा सुशांत सिंह राजपूत की मौत का कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है। कहा जा रहा है कि केवल एक आदमी है जिसने डेड बॉडी को लटके देखा और उसने ही डेड बॉडी को उतारा भी। ऐसे में डेड बॉडी कहां और कैसे लटकी हुई थी उसके पैर कहां पर थे, इन बातों को समझने के लिए भी सीबीआई को मशक्कत करनी पड़ेगी। साथ ही मौका ए वारदात से भी सभी सबूत, फिंगर प्रिंट्स आदि मिट चुके हैं, तो ये भी सीबीआई के लिए एक बड़ी चुनौती है। सीबीआई की टीम इन सभी चुनौतियों का सामना कैसे करेगी। साथ ही इन सभी चुनौतियों के बावजूद टीम सच्चाई तक कैसे पहुंचेगी देखना होगा।