छोटे भाई को अंतिम विदाई देकर आये सिनेमैटोग्राफर का मुंबई में निधन!

0
9

दोस्तों बॉलिवुड फिल्मों के सिनेमैटोग्राफर गागरिन मिश्रा का हार्ट अटैक के कारण मंगलवार रात मुंबई स्थित निवास पर निधन हो गया। कुछ दिनों पहले ही वह उड़ीसा में अपने छोटे भाई देबेन मिश्रा को अंतिम विदाई देकर लौटे थे। एक महीने के अंदर दो मौतों से उनके परिवार पर दुखों का पहा़ड़ टूट पड़ा है। हाल ही में गागरिन के छोटे भाई देबेन मिश्रा का निधन हुआ था। मुंबई आने के बाद भी उनका सदमा कम नहीं हो पाया और दिल की धड़कन रुकने से उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

 

छोटे भाई को अंतिम विदाई देकर आये सिनेमैटोग्राफर का मुंबई में निधन! 7

आपको बता दे की 1995 में आई मुकुल आनंद की फिल्म ‘त्रिमूर्ति’ में गागरिन ने आखिरी बार कैमरा ऑपरेटर का काम किया था। इससे पहले 1987 में आई एक उड़िया फिल्म ‘अन्याय साहिबी नहीं’ में पहली बार गागरिन को सिनेमैटोग्राफी करने का मौका मिला था। इसके बाद उन्होंने सिनेमैटोग्राफर के रूप में अपना काम 2001 में ज्योति स्वरूप के निर्देशन में बनी कश्मीरी फिल्म ‘बब’ से फिर शुरू किया। इसके बाद से वह मुख्य सिनेमैटोग्राफर बन गए। गागरिन की सिनेमैटोग्राफर के रूप में आखिरी फिल्‍म 2018 में आई ‘हसीना’ थी।

छोटे भाई को अंतिम विदाई देकर आये सिनेमैटोग्राफर का मुंबई में निधन! 8 छोटे भाई को अंतिम विदाई देकर आये सिनेमैटोग्राफर का मुंबई में निधन! 9

गागरिन कई मशहूर फिल्मों में काम कर चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत साल 1983 में फिल्म ‘सौतन’ से की थी जिसमें राजेश खन्ना, टीना मुनीम और पद्मिनी कोल्हापुरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म में गागरिन ने सहायक कैमरामैन की भूमिका निभाई। इसके बाद लगातार वह बेताब, लैला, लावा, अर्जुन, फासले, प्रीती, एक चादर मैली सी जैसी फिल्मों के साथ सहायक कैमरामैन के रूप में जुड़े रहे। गागरिन ने प्यार की जीत, राम अवतार, वारिस, तेजाब, इंसानियत, चांदनी, चालबाज, नरसिम्हा, अकेला, क्षत्रिय, रूप की रानी चोरों का राजा जैसी कई बड़ी फिल्मों में भी सहायक कैमरामैन की भूमिका निभाई।