यूपी के तुषार ने दिखाया अपना हौसला, हाथ से नहीं पैरों से एग्जाम देकर भी 12वीं में पाए 70 प्रतिशत अंक!

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दोस्तों किसी काम को करने का जज़्बा हो तो कितनी भी परेशानियाँ आ जाये मज़िल तक पहुंच ही जाते है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है यूपी के लखनऊ निवासी तुषार विश्वकर्मा ने जिन्होंने बिना हाथ के होते हुए भी 12वीं में 70 प्रतिशत अंक हासिल किए है। बचपन से ही दोनों हाथ तिरछे होने के कारण सही से काम नहीं करते हैं। इसके बावजूद अपनी लगन और कठिन परिश्रम से पैरों से ही हाथ का काम भी करना शुरू कर दिया।

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खबरों की अनुसार शारीरिक समस्या के बाद भी सरोजनीनगर के क्रिएटिव कॉन्वेंट कॉलेज के छात्र तुषार ने बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। हाथ से नहीं पैर से लिखकर 11 वीं की वार्षिक और 12 वीं का प्री बोर्ड का एग्जाम दिया था। तुषार लगातार अभ्यास कर बोर्ड परीक्षा में जल्दी-जल्दी लिखने की तैयारी कर रहे थे लेकिन अंतिम मौके पर परीक्षा निरस्त हो गई।

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इतना ही नहीं परीक्षा के दौरान एक लेखक को हायर करने या लेक्चरर से टेस्ट या प्री-बोर्ड परीक्षा पूरी करने के लिए ज्यादा समय मांगने से भी मना कर दिया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने उत्तर पुस्तिका को साफ-सुथरा दिखाने के लिए दो अलग-अलग पेन काले और नीले रंग का इस्तेमाल किया था।तुषार के पिता राजेश विश्वकर्मा ने भी तुषार का पूरी तरीके से साथ दिया। तुषार ने अपनी मेहनत से जीवन में आने वाली मुश्किलों का सामना किया।

यूपी के तुषार ने दिखाया अपना हौसला, हाथ से नहीं पैरों से एग्जाम देकर भी 12वीं में पाए 70 प्रतिशत अंक! 11यूपी के तुषार ने दिखाया अपना हौसला, हाथ से नहीं पैरों से एग्जाम देकर भी 12वीं में पाए 70 प्रतिशत अंक! 12

बता दें हाईस्कूल में भी तुषार के 67 प्रतिशत अंक आए थे। तुषार अब बीटेक कर इंजीनियर बनना चाहता है। तुषार के पिता राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि तीन भाई बहनों में तुषार सबसे छोटा है। दोनों बच्चे सामान्य हैं पर तुषार के जन्मजात दोनों हाथ तिरछे हैं। पिता के साथ-साथ शिक्षकों की हौसलाअफजाई से धीरे-धीरे तुषार का आत्मविश्वास बढ़ा और उसने पैरों की अंगुलियों में पेंसिल फंसा कर लिखना सीखा। हालाँकि तुषार की माता को फिर भी निराशा हो रही थी लेकिन तुषार की लगन देखकर उन्होंने भी उसे प्रेरित करने का निर्णय लिया।