SHOCKING: बस के टूटे फर्श से सड़क पर गिरा 1st में पढ़ने वाला छात्र, ड्राइवर ने रोकी बस…तब तक मर चुका था वो

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करौली जिले में शुक्रवार को प्राइवेट स्कूल व पुलिस-परिवहन विभाग की लापरवाही ने 8 साल के यश गुर्जर की जान ले ली। पहली कक्षा का यह मासूम स्कूल की खस्ताहाल बस की टूटी फर्श से निकलकर सड़क पर गिर गया। बगल में ही बैठा यश का 10 वर्षीया बड़ा भाई सचिन यह देखकर लगातार चीखता रहा कि उसका भाई गिर गया है, लेकिन चालक बस को दौड़ाता रहा। आखिर 7.5 किमी. दूर स्थित स्कूल में जाकर ही बस रोकी।

इस बीच सड़क पर पड़े यश को ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी सांसें पहले ही थम चुकी थीं। हैरान करने वाली बात यह है कि मासूम की जान लेने के जिम्मेदारों पर देर रात तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो स्कूल संचालक पर कोई एक्शन लिया गया, न ही आरोपी ड्राइवर पकड़ा गया। इस सबके बीच जिम्मेदार अपने कुतर्क रखकर मामले से पल्ला झाड़ते रहे। स्कूल संचालक ने तो यहां तक कह दिया कि सुराख साजिशन किया गया। करौली के कृष्णा चिल्ड्रन एकेडमी की यह जर्जर बस रोज अलग-अलग गांवों से 66 बच्चे लाती है।

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यश भी अपने गांव गुड़ला से भाई सचिन के साथ बस में बैठा था। गांव से करीब डेढ़ किमी. दूर ब्रेकर के कारण बस उछली तो यश सीट के ठीक नीचे बने सुराख से निकलकर नीचे सड़क पर जा गिरा। प्रदेश में जर्जर स्कूल बसों से आएदिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में जानलेवा सुराख जस के तस कायम हैं। बड़ा सवाल यह है कि आखिर और कितने मासूमों की बलि लेंगे जिम्मेदार?

स्कूल संचालक सोनू सारस्वत ने कहा- किसी ने दुश्मनी निकाली और बस में छेद किया, पुलिस ने चालक पर केस दर्ज किया। न तो चालक पकड़ा, न स्कूल संचालक पर कार्रवाई हुई, जिला परिवहन अधिकारी गिरीश का शर्मनाक बयान सामने आया। बोले-बस दो साल से फिटनेस के लिए आई ही नहीं। अब अभियान चला दिया है। बसें चैक करेंगे, शिक्षा के जिला अधिकारी (प्रा.) सुभाष चंद ने कहा- स्कूल पर टीम भेजी थी, लेकिन वह बंद मिला।



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