जब ‘आदमी’ बनने के लिए करण जौहर ने ली 3 साल तक ट्रेन‍िंग, पापा से बोला था ये झूठ!

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बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर, प्रोडूसर और एक्टर करण जौहर फिल्म इंडस्ट्री में इस वक्त सबसे टॉप पर हैं। उनके प्रोडक्शन हाउस धर्मा प्रोडक्शन तले एक से एक हिट फिल्म बड़े परदे पर देखी जा रही हैं। करण का ड्रेसिंग स्टाइल भी लोगों के बीच खास पहचान रखता है। उनकी हाजिरजवाबी और बोलने के अंदाज को लाखों लोग पसंद करते हैं। लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा वक्त भी आया, जब आवाज की वजह से लोग उन्हें ताने देते थे। वो इतने परेशान हुए कि डॉक्टर के पास अपना इलाज भी कराने पहुंच गए।

करण जौहर ने एक इवेंट के दौरान अपनी जिंदगी से जड़े कई अहम खुलासे किए हैं। इवेंट के दौरान उन्होंने कहा- बच्चे मेरा मजाक उड़ाते थे, सब कहते थे कि मैं लड़कियों की तरह चलता हूं और वैसे ही रोता भी हूं। उन्होंने आगे कहा कि आदमी बनने के लिए मैंने 3 साल ट्रेनिंग ली। पापा से झूठ बोल कर मैं ट्रेनिंग लेने जाता था। करण की जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था, जब आवाज की वजह से उन्हें लोगों के ताने सुनने पड़ते थे।

करण ने बताया ‘मैं बचपन से ही ये सुनता आया हूं कि लड़कियों से जैसे ना बोलो, ना चलो और ना ही डांस करो, कई बार लोगों ने मुझे यह कहा कि मेरी आवाज लड़कियों जैसी है, करण ने बताया- मैं स्पीच थेरेपिस्ट के पास गया और उनसे कहा कि मेरी आवाज बदल दो। इसके लिए मैंने ट्रेनिंग ली और 3 साल तक आवाज चेंज करने की प्रैक्टिस की। ये दौर मेरे लिए बहुत खराब था। मैं ट्रेनिंग लेने पापा से झूठ बोलकर जाता था। मैं उनसे कहता था कि मैं ट्यूशन पढ़ने जा रहा हूं। क्योंकि मैं उन्हें ये नहीं बता सकता था कि मैं आदमी बनने जा रहा हूं।

करण ने आगे और खुलासे करते हुए बताया कि 8 साल की उम्र में मैंने सरगम फिल्म देखी थी। फिल्म का ढपली वाले ढपली बजा, गाना मुझे बहुत पसंद आया था। मैं घर पर भी इस गाने की प्रैक्ट‍िस करता था। मैं हमेशा जया प्रदा के हिस्से वाला डांस करता। सबसे अच्छी बात ये थी कि मुझे ऐसा करते देख कर भी पापा कभी नहीं टोकते थे। करण ने आखिर में बताया ‘मुझे स्कूल में अध्यापक और दोस्त यही कहते थे कि मैं लड़कियों की तरह रोता हूं, डांस करता हूं, लेकिन मैं इन सब चीजों को अपने बच्चों पर नहीं थोप सकता वो जैसे चाहे वैसे करेंगे मेरी तरफ से उनपर कोई जबरदस्ती और दबाव नहीं है।