महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक में हो गई ये 5 बड़ी गलतियाँ, किसी का भी नहीं गया ध्यान

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अक्सर देखा जाता है की जब भी कोई फिल्म बनती है तो उसमे कहीं न कहीं कुछ गलतियाँ रह जाती है. और ये भी हम जानते है की भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर भी फिल्म बन चुकी है. और इसी फिल्म में भी कई सारी गलतियाँ है जो आज हम आपको बताने जा रहे है.


1.एक दृश्य में, यह दिखाया गया था कि धोनी अपने दोस्तों के साथ रेलवे स्टेशन जा रहे थे और उनके बाईं ओर एक ऑटो रिक्शा चल रहा था, जिसका नंबर झारखण्ड का था JH01. lekin फिल्म और अन्य स्रोतों के अनुसार, 1998 में, धोनी 12 वीं में थे और झारखंड का गठन 15 नवंबर 2000 में हुआ था। इसलिए, 1997-98 में, झारखंड (JH) के नंबर वाले वाहनों का होना संभव नहीं था। शायद डायरेक्टर ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया.

2. अभिनेत्री भुमिका चावला ने फ़िल्म में धोनी की अकेली बहन की भूमिका निभाई थी. फिल्म में कहीं भी किसी और सदस्य को नहीं दिखाया गया लेकिन आपको बता दें धोनी के एक भाई और है. लेकिन शायद धोनी और उनके भाई की आपस में नहीं बनती इसी लिए जानबूझ कर उन्हें फिल्म से बाहर रखा गया होगा. धोनी के बड़े भाई का नाम नरेन्द्र है.

3. इस फिल्म में धोनी कोई कई बड़े ब्रांड का प्रमोशन करते दिखाया गया है. जिनमें फिनोलेक्स, लावा फोन, गार्नियर आदि शामिल हैं। फिल्म में धोनी लावा मोबाइलों के ब्रांड एंबेसडर थे, और उन्हें 2008 में लावा मोबाइलों के विज्ञापन करते दिखाया गया था। लेकिन, लावा ब्रांड की स्थापना 2009 में की गई थी और धोनी इस साल की शुरुआत में उनके ब्रांड एंबेसडर बने थे।


4. फिल्म में, यह दिखाया गया कि 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच के बाद धोनी ने विजाग से कोच्चि की फ्लाइट में प्रियंका से मुलाकात की और 2006 में भारत के पाकिस्तान दौरे तक दोनों ने अपना अधिकांश समय एक साथ बिताया। लेकिन फिल्म के ही अनुसार, प्रियंका 14 फरवरी 2006 को एक सड़क दुर्घटना में प्रियंका की मौत हुई। एयर ओर इस तरह ये भी फिल्म की स्क्रिप्ट और सत्य के साथ मैच नहीं हो रहा है.


5. फिल्म में, यह दर्शाया गया था कि साक्षी रावत, कोलकाता के ताज बंगाल होटल में इंटर्न के रूप में काम कर रही थी और जिस दिन वह धोनी से मिली यह उनका आखिरी दिन भी था, बाद में वह औरंगाबाद चली गई. लेकिन इसमें सच को कई तरह से तोड़ मरोड़ कर दिखाया जा रहा है. दरअसल  वे एक-दूसरे को तब से जानते थे जब एमएस धोनी के पिता पान सिंह धोनी और साक्षी के पिता रांची में एक साथ काम करते थे और साक्षी और धोनी दोनों रांची में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। साक्षी का परिवार अपने दादा के साथ रहने के लिए देहरादून चला गया और तब से, धोनी और साक्षी एक दूसरे के संपर्क में नहीं थे। मीडिया में कई बार खबर भी आई थी की साक्षी और धोनी बचपन के दोस्त थे.