Thursday, July 7, 2022
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सोवियत संघ के टुकड़े हुए तब वॉशिंग मशीन लेकर भागे थे पुतिन, खाई थी यूक्रेन से बदले की कसम!

दोस्तों अमेरिका समेत नाटो देशों की धमकी को धता बताते हुए रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर मिसाइलों की बारिश तेज कर दी है। रूस की सेना अब यूक्रेन की राजधानी कीव में प्रवेश कर चुकी है। पुतिन के अंदर बदले की यह आग सोवियत संघ के विघटन के समय से जल रही थी। सोवियत संघ के विघटन के बाद केजीबी के जासूस रहे पुतिन पूर्वी जर्मनी से 20 साल पुरानी वॉशिंग मशीन लेकर रूस के लेनिनग्राड आ गए थे। उसी समय से पुतिन के अंदर बदले की आग जल रही थी। पुतिन ने सोवियत संघ के विघटन को 20वीं सदी की सबसे बड़ी भूराजनीतिक आपदा करार दिया था।

पुतिन पर नजर रखने वालों का मानना है कि यूक्रेन में खूनी जंग की शुरुआत के बीज 1989 में बर्लिन की दीवार के गिरने के समय पूर्वी जर्मनी के डेस्‍डन में ही पड़ गए थे। केजीबी अधिकारी पुतिन 38 साल की उम्र में जर्मनी से सेंट पीटर्सबर्ग आ गए थे। उन्‍होंने करीब 15 साल तक जासूस के रूप में काम किया और उनके पास कमाई के नाम पर केवल उस समय 20 हजार रुपये थे। रूसी राष्‍ट्रपति का पूरा नाम व्‍लादिमीर व्‍लादिमीरोविच पुतिन है। उनका जन्‍म चूहों से भरे लेनिनग्राड के एक मल‍िन इलाके में 7 अक्‍टूबर 1952 को हुआ था।

पुतिन अपने माता-पिता व्‍लादिमीर और मारिया पुतिन की इकलौती संतान थे। उनके पिता कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के सदस्‍य थे और एक कंपनी में फोनमैन का काम करते थे। मारिया उस समय एक लैब क्लिनर थीं। नाजी सेना ने जब लेनिनग्राड पर कब्‍जा किया था तब वह बच गई थीं। पुतिन ने अपनी आत्‍मकथा में लिखा है, ‘एक बार मेरी भूख से बेहोश हो गई थीं। लोगों ने सोचा कि वह मर गई हैं और उन्‍होंने मेरी मां को लाशों के बीच रख दिया था। पुतिन के दो अन्‍य भाइयों भी थे लेकिन उनकी बचपन में ही मौत हो गई थी।

रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन अपने मां-बाप के लिए एक ‘चमत्‍कारिक बच्‍चे’ थे। मारिया ने 41 साल की अवस्‍था में पुतिन को जन्‍म दिया था। पुतिन के पूर्व स्‍कूल टीचर वेरा दमित्रिइवना ने कहा कि कोई गर्म पानी नहीं था, नहाने के लिए कोई गर्म बाथ टब नहीं था। उस समय बहुत ठंड थी।’ पुतिन ने अपने चूहों से भरे घर के बारे में कहा कि फ्लैट के अंदर पूरी चूहों की सेना थी। एक बार तो एक बड़ा सा चूहा उनके ऊपर कूदकर आ गया था। पुतिन बचपन से बच्‍चों से लड़ने के लिए जाते थे और जूडो में ब्‍लैक बेल्‍ट हासिल किया।

पुतिन ने साल 2015 में कहा था, ‘लेनिनग्राड की सड़कों पर 50 साल पहले मैंने एक सबक सीखा था, अगर लड़ाई अपरिहार्य हो तो आपको सबसे पहले घूसा मारना चाहिए।’ संभवत: पुतिन अपने इसी नियम को अब यूक्रेन के खिलाफ जंग के लिए इस्‍तेमाल कर रहे हैं। रूसी राष्‍ट्रपति ने कई बार चेतावनी देने के बाद अब यूक्रेन पर जोरदार बमबारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि वह जल्‍द ही यूक्रेन पर रूसी सेना का कब्‍जा हो जाएगा।

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