इनकी फिल्म ने कमाए 100 करोड़, बीवी घरों में बर्तन धोने को मजबूर

0
500

अप्रैल महीने में रिलीज़ हुए मराठी फिल्म ‘सैराट’ ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. इस फिल्म में कमाई के सभी रिकॉर्ड तोड़े थे. पूरी मूवी सिर्फ 5 करोड़ रुपये में बनी थी. ये मराठी पहली फिल्म है. जिसने इतनी कमाई की है.  फिल्म फेयर अवॉर्ड्स (मराठी) की वजह से एक बार फिर ‘सैराट’ की चर्चा हो रही है. इस फिल्म को बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला है.   इस फिल्म में गरीब लड़के और अमीर लड़की की लव स्टोरी दिखाई गई थी. एक गरीब लड़के को जमींदार की लड़की से प्यार हो जाता है. इसका पता लड़की के परिवार को चल जाता है. फिल्म में दोनों के प्यार के संघर्ष को दिखाया गया है.

 

फिल्म के निर्देशक नागराज मंजुले को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला है. ये उनकी दूसरी फिल्म है. इस फिल्म को बनाने से पहले उनकी निजी लाइफ बहुत ही विवादों में रही है. इनकी फिल्म ने तो 100 करोड़ कमा लिए. लेकिन क्या आपको पता है इनकी बीवी घर-घर जाकर बर्तन धोती है. नागराज की एक्स वाइफ सुनीता मंजुले सैराट की हिट के बाद मीडिया के सामने आई थीं.

जब उन्होंने नागराज पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था. उन्होंने बताया कि जब हमारी शादी हुई थी. तब मैं 18-19 साल की थी.  नागराज 12वीं क्लास में पढ़ते थे. मैं घर की बड़ी बहू थी, इसलिए मैं घर का सारा काम करती थी. मैं गांव में रहती थी और वो शहर में पढ़ाई कर रहे थे. वो मुझसे हमेशा कहते थे कि मुझे फिल्ममेकर बनना है, इसलिए उन्होंने अहमदनगर के एक इंस्टीट्यूट में एडमिशन ले लिया था.

सुनीता ने बताया , उनकी शॉर्ट फिल्म ‘पिस्तुल्या’ को नेशनल अवॉर्ड के लिए चुना गया था. अवॉर्ड लेने के लिए जब उनके परिवार वाले राष्ट्रपति भवन जा रहे थे तब उन लोगों ने मुझे घर में बंद कर दिया था. जिससे मुझे लगा कि वो मुझसे प्यार नहीं करते. 2012 में तलाक का केस फाइल हुआ था. 2014 में मेरे वकील ने उनके वकील से बात किया और एक डील फिक्स हुई. मुझसे एक कागज साइन करवाया गया. उसमें लिखी बातें मुझे समझ भी नहीं आ रही थीं. सेटलमेंट के तौर पर मुझे 7 लाख रुपये दिए गए.

इसमें से 1 लाख मेरे वकील ने भी ले लिया. उसके बाद मुझे पता चला कि उनकी प्रॉपर्टी, जिंदगी पर मेरा कोई अधिकार नहीं होगा. उन्होंने बताया की उनका 2-3 बार अबॉर्शन भी करवाया था. जिसके बाद उनका कहना था, वो पारिवारिक जिम्मेदारियों में नहीं फंसना चाहते. वो फिल्ममेकर बनने के सपने को पूरा करना चाहते हैं. जब उनकी पत्नी बच्चे के लिए कहती थी तो वो उन्हें हाथ से या बेल्ट से मारते थे.

नागराज का जन्म  सोलापुर जिले के पिछड़े गांव जेऊर में हुआ था. उनका परिवार बहुत गरीब था. उन्होंने पुणे से मराठी में एमए किया. उसके बाद महाराष्ट्र पुलिस में उन्हें नौकरी मिल गई, लेकिन कुछ दिनों में ही वो नौकरी छोड़ गांव वापस चले गए. 2013 में आई फिल्म ‘फैंड्री’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड और इंदिरा गांधी अवॉर्ड मिला था. ‘सैराट’ को भी नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है. नागराज अब हिंदी फिल्मों में  भी डेब्यू करने वाले हैं. फिल्म नागपुर के फुटबॉल कोच विजय बारसे की जिंदगी पर आधारित है. फिल्म में अमिताभ बच्चन भी हैं, जो विलेन के रोल में नजर आएंगे.