Tuesday, July 5, 2022
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एक घर की 13 लड़कियों ने कर दिया सारे गाँव का नाम रोशन,8 बनी नैशनल प्लेयर और 5 पुलिस विभाग में कार्यरत!

दोस्तों आज के समय में बेटीया भी बेटो से कम नही है। लडकिया लडको को बराबरी की टक्कर देती है। आज आपको एक गाँव के एक परिवार की 8 जो नेशनल प्लेयर बेटियों के बारे में बताने वाले है। और इनके पिता कोई बड़े बिजनेसमैन नही बल्कि गाय, बकरिया चरते है। राजस्थान के चुरू जिले का एक गांव है जंहा चौधरी परिवार रहता है इस परिवार की 8 लड़कियों ने एथलेटिक्स में अपनी पहचान बनाकर गाँव का नाम रौशन किया है। चौधरी परिवार के तीन भाई है इन तीनो भाइयो की ये 8 बेटिया है। अभ्यास करने के लिए इन्होंने अपने खेत को मैदान बनाया,जहां इन लोगों ने परिश्रम करके अपने परिवार के साथ-साथ गांव का नाम भी रौशन किया।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस गांव के एक उत्तमपुरुष ने यह बताया कि इन बेटियों के कारण हम अपने गांव पर गर्व करतें हैं। इन्होंने यह भी बताया कि हमारे गांव में चौधरी परिवार एक ऐसा परिवार है जिस परिवार की 8 बेटियों ने एथेलेटिक्स में नाम कमाकर सभी लड़कियों का मनोबल बढ़ाया है। अब अधिक से अधिक लड़कियां गवर्नमेंट जॉब ज्वॉइन कर समाजसेवा में लगीं हैं।

सुमन राष्ट्रीय स्तर की एथलेटिक्स

देवकरण जी की बेटी सुमन चौधरी है जो सरोज से बड़ी हैं। पढाई की बात करे तो इन्होंने एमए प्रवेश तक की शिक्षा ग्रहण की है। सरोज ने भी राष्ट्रीय स्तर की एथलेटिक्स में अपने हुनर को दिखाया हैं।

कमलेश ने स्टेट लेवल पर जीते 6 बार मेडल

देवकरण जी की बेटी कमलेश चौधरी है। कमलेश ने पढाई में ग्रेजुएशन किया है। स्टेट और नेशनल लेवल की प्लेयर रह चुकी कमलेश स्टेट लेवल पर 6 बार मेडल जीतकर अपने परिवार नाम रौशन कर चुकी है। अब यह पुलिस कांस्टेबल के पद पर अपना कार्य संभाल रहीं है।

सरोज ने जीते 30 गोल्ड मेडल

सरोज ने स्टेट लेवल के कम्पटीशन में 30 से ज्यादा संख्या में गोल्ड मेडल जीते है। पिछले दस सालो से वो खेल प्रतिस्पर्धाओ में भग लेती आ रही है।सरोज पोस्ट ग्रेजुएट हैं। सरोज के पिता देवकरण चौधरी है जो खेती करने के साथ भेड़-बकरियों को भी चराते हैं। सरोज अब परिवार सम्भालने के साथ राजस्थान में बतौर पुलिस कांस्टेबल लोगों का ध्यान रख रहीं हैं।

कैलाश कुमारी सीआईडी सीबी में हैं कांस्टेबल

कैलाश कुमारी के पिता शिशुपाल चौधरी है। पढाई की बात करे तो इन्होंने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है। कैलाश भी अपनी बहनों की तरह राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं। वर्तमान में वह सीआईडी सीबी में कांस्टेबल के रूप में अपना कार्यभार संभाल रहीं हैं।

सुदेश पुलिस कांस्टेबल हैं

शिशुपाल जी की बेटी सुदेश हैं। सुदेश ने ग्रेजुएट की हैं। सुदेश भी अपनी बहनों से कम नहीं हैं। यह भी स्टेट लेवल पर एथलेटिक्स के कम्पटीशन में हिस्सा ले चुकी हैं। फ़िलहाल अभी में पुलिस कांस्टेबल हैं।

निशा ने स्टेट लेवल पर 20 पदक जीते 

शिशुपाल जी की बेटी निशा हैं। पढाई की बात करे तो इन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। निशा ने भी राष्ट्रीय स्तर के कम्पटीशन में भाग लिया है और स्टेट लेवल पर 20 पदक अपने नाम कर चुकी हैं।

पूजा ने स्टेट लेवल पर 5 मेडल जीते

शिशुपाल जी की बेटी पूजा है।पूजा ने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है और स्टेट लेवल पर 5 मेडल जीत चुकी हैं।

सुमित्रा आरएसी में कांस्टेबल हैं

रामस्वरूप जी की बेटी सुमित्रा है। पढाई की बात करे तो सुमित्रा ने बीएड किया है और यह भी स्टेट लेवल पर खेल चुकी हैं, 2 पदक भी जीतें हैं। सुमित्रा आरएसी में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।

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