तंगहाली से झुंझ रही है आमिर खान की लगान वाली भाभी, दवाई लेने के भी नहीं है पैसे!

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दोस्तों फिल्म जगत में  में अक्सर लीड रोल निभाने वाले कलाकारों को तो आगे चलकर काम मिलता जाता है, लेकिन सह कलाकारों को अपनी पहचान बनाने में काफी समय और स्ट्रगल लगता है। कई एक्टर्स तो भीड़ में इस तरह गुम हो जाते हैं कि उनकी गैर मौजूदगी से लोगों को फर्क तक नहीं पड़ता। ऐसा ही कुछ हुआ है आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ में केसरिया का रोल निभाने वाली परवीना बानो के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

तंगहाली से झुंझ रही है आमिर खान की लगान वाली भाभी, दवाई लेने के भी नहीं है पैसे! 9बॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘लगान’ में केसरिया का किरदार निभाने वाली परवीना बानो को 2011 में ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। इसके बाद परवीना की तबीयत बिगड़ती गई और इलाज के चलते उनकी सेविंग्स भी खत्म हो गई है। परवीना ने कहा कि मैं घर पर अपनी बेटी और छोटी बहनों के साथ रहती हूं। पति से अलग होने के बाद घर पर कमाने वाली मैं अकेली महिला थी। मैं छोटा-मोटा रोल कर पैसे कमाती थी और अपने घर का खर्च चलाती थी।

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मीडिया से बात करते हुए परवीना बानो ने कहा, ‘मेरा भाई मेरी देखभाल करता था, लेकिन उसे भी कैंसर है।’ मैंने अपने करियर की शुरुआत लगान से की थी। इसमें मेरे अपोजिट आमिर खान के भाई गोली थे। मेरे रोल का नाम केसरिया था। 42 साल की परवीना कहती हैं कि मुझे 2011 से गठिया है। ब्लड प्रेशर की भी समस्या थी, जिससे ब्रेन स्ट्रोक आया और लकवा का स्ट्रोक भी आया। मैं पिछले सात-आठ साल से इसी समस्या का सामना कर रही हूं। तभी से मेरी तबीयत बिगड़ने लगी।

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परवीन आगे कहती हैं, इलाज पर मेरा इतना पैसा खर्च हो गया कि उसका हिसाब ही नहीं है। तब से मैं बिना काम के घर पर हूं। मेरी बहन इंडस्ट्री मे असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करती थी। वही किसी तरह परिवार का खर्चा चला रही थी, लेकिन लॉकडाउन से फिल्मों का काम प्रभावित हुआ, जिससे उसकी नौकरी छीन गई। अब हमारे यहां कमाई का कोई जरिया नहीं बचा है। मैं मदद के लिए कई लोगों के पास पहुंची लेकिन कोई खास प्रतिक्रिया नहीं मिली। CINTA के लोगों ने राशन भेजा है। राजकमल जी दो बार राशन भी भेज चुके हैं। मेरा आज भी इलाज चल रहा है। मुझे हर हफ्ते दवाओं के लिए 1800 रुपये मिलते हैं।

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परवीना बानो ने ये भी बताया, ‘इलाज और दवाइयों का इंतजाम सही हो जाने पर मैं काम पर दोबारा लौट सकती हूं लेकिन पैसे के बारे में सोचकर डर जाती हूं। मेरे ब्रेन में पड़े क्लॉट्स को दवाइयों से ही सही किया जा सकता है।’ परवीना बानो की हालत के बारे में सोन सूद को बताया गया तो सोनू सूद की टीम ने परवीना बानो के यहां सबसे पहले महीनेभर का राशन भिजवाया और एक महीने की  दवाइयां भी दिलवाई हैं। फिल्म ‘लगान’ में परवीना बानो ने केसरिया का रोल अदा किया था।वो आमिर के मुंहबोले भाई गोली की पत्नी बनी थीं। फिल्म में आमिर उन्हें भाभी कहकर बुलाते थे। गोली के पास गांव में सबसे बड़ा खेत होता है और उसी खेत में गांव के लोग क्रिकेट की प्रैक्टिस करते हैं।