Wednesday, July 6, 2022
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यह था लता मंगेशकर का आखिरी ट्वीट, न्यू ईयर पर पहले पोस्ट में ही कही थी कोरोना के खौफ की बात!

दोस्तों भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन हो गया है। लता मंगेशकर को 8 जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। इसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पातल में भर्ती करवाया गया। लता मंगेशकर करीब 8 जनवरी से कोविड-19 की वजह से ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती थीं, जहां उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली है। लता मंगेशकर के कोरोना संक्रमण की खबर ने ही फैन्स की धड़कनें तेज कर दी थी। लोग लगातार उनके स्वस्थ होने की दुआओं में जुटे थे। होनी को कुछ और मंजूर था और हमने उन्हें हमेशा के लिए खो दिया। लता मंगेशकर ट्विटर पर काफी ऐक्टिव थीं और हर दिन के जरूरी अपडेट्स को लेकर वह ट्विटर पर कुछ न कुछ पोस्ट किया करती थीं। आइए देखें, ट्विटर पर उन्होंने आखिरी पोस्ट क्या किया था और नए साल 2022 पर क्या लिखा था लता मंगेशकर ने।

लता मंगेशकर ने अपना आखिरी पोस्ट अनाथ बच्चों के लिए काम करने वाली सिन्धुताई सपकाल के लिए किया था, जिन्हें महाराष्ट्र की मदर टेरेसा भी कहा जाता है। हाल ही में उनका निधन हो गया, जिसके बाद लता मंगेशकर ने उन्हें ट्विटर पर श्रद्धांजलि दी थी और यही उनका आखिरी पोस्ट भी था। लता मंगेशकर ने इस पोस्ट में लिखा था, ‘प्यार करनेवाली मां, अनाथ बच्चों की मां ,बड़ी समाज सुधारक सिंधुताई सपकाल, इनकी देहांत की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। उनके देहांत से समाज का काफी नुकसान हुआ है। दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार देकर हमने उन्हें सन्मानित भी किया था। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।’ लता मंगेशकर ने यह पोस्ट हॉस्पिटलाइज़ होने के ठीक 4 दिन पहले यानी 4 जनवरी को किया था।

4 जनवरी को ही लता मंगेशकर ने पंचम दा की पुण्यतिथि पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। लता जी ने लिखा था, ‘आज हम सबके प्यारे पंचम की पुण्यतिथि है। उसने जितना भी संगीत बनाया वो सराहनीय था और आज भी लोकप्रिय है। मैं उनकी याद को विनम्र अभिवादन करती हूं।’ वहीं इस साल पर किए पोस्ट में उन्होंने अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर को समर्पित करते हुए एक वीडियो शेयर किया था।

1 जनवरी 2022 को यानी नए साल पर किए इस वीडियो में लता कह रही हैं, ‘मेरे पूज्य पिताजी इतनी बड़ी दुनिया में हमें अकेला छोड़के चले गए। परंतु मैंने उन्हें हमेशा यहीं अपने पास पाया है। कई बार मुझे ऐसा लगा कि वो मेरे पास बैठे हैं, मुझे गाना सिखा रहे हैं। अगर कभी मुझे किसी बात का डर लगता था तो ऐसा लगता कि वो मेरे सिर पर हाथ रखकर कह रहे हों- डरो नहीं लता, मैं हूं। इसी तरह हमारे 50 वर्ष गुजरे हैं, अगर वो मेरे पास नहीं होते तो सोचिए, मुझे जैसी एक बहुत ही छोटी गायिका क्या उसे इतनी शोहरत इज्जत मिलती? मुझे नहीं लगता, ये उनका आशीर्वाद है जो आज मुझे मिला है।’

इस साल का पहला पोस्ट लता मंगेशकर ने इसी कोविड को लेकर किया था। नए साल की बधाई देते हुए लता मंगेशकर ने लिखा था, ‘नमस्कार, आप सबको नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। कोरोना के इस संकट से सारे विश्व को मुक्ति मिले। आप सब खुश रहें, स्वस्थ रहें यही मंगलकामना है।’ बता दें कि लता मंगेशकर ने कोविड का खौफ कई बार जताया था। उन्होंने इसी महामारी की वजह से इस साल अपना बर्थडे भी नहीं मनाया था। आखिरकार इसी पेंडेमिक की वजह से हमने देश की सबसे अहम धरोहर और लिविंग लेजंड को खो दिया है। आज पूरा देश उनके जाने की वजह से गमगीन है।

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